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अन्वाधान अमावस्या पर्व का महत्व और लाभ Pujaabhishekam Blog

अन्वाधान अमावस्या पर्व का महत्व और लाभ

📅 10 Jul 2021 ⏱ 0 min read

आज अन्वाधान अमावस्या का पर्व है, जो  कि वैष्णव संप्रदाय के लोग के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। वे लोग आज भगवान विष्णु और उनके रूपो की पूजा करते हैं, वे लोग भगवान विष्णु के भक्त होते हैं , और यह शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को मनाई जाती हैं।  साथ ही साथ ये कृष्ण पक्ष की अमावस्या को भी मनाई जाती है. तथा यह वैष्णव परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। . तो अब हम जानते हैं,  इसे कैसे मनाते ​​है, यह क्या होता है? हमारे संस्कृत में अन्वाधान का अर्थ अग्निहोत्र, हवन से होता है .

हवन करने के बाद पवित्र अग्नि को जलाने का भी रस्म है, और लकड़ी या कोयले से वह अग्नि को प्रज्वलित रखना है। लेकिन अगर आग कम हो गया तो अच्छा संकत नहीं माना जाता है। यह सबसे महत्वपूर्ण ध्यान देने योग्य बात हैयह सबसे महत्वपूर्ण ध्यान देने योग्य बात है, की अग्नि को हवन के बाद जलते रहना चाहिए। उस दिन वैष्णव संप्रदाय के लोग सुबह में उठकर स्नान ध्यान करके, उपवास रखते हैं। तथा अमावस्या को लोग एक दूसरे को बधाई भी देते हैं। 

अन्वाधान पर्व का महत्व या लाभ।

  1. अन्वाधान अमावस्या के पूजा, अर्चना के बाद मांगी गई हर कामना पूरी होती है।

  2. अन्वाधान अमावस्या का बेहद महत्व पितृ पूजन के लिए भी है।

आज के दिन पितृ के लिए दान पुण्य की परंपरा है , माना जाता है।  की आज के दिन किए गए दान अवश्य रूप से पिता को पहुंच जाता है। इस तरह  अमावस्या की पूजा को संपन्न करना चाहिए जिससे हमरे घर में सुख समृद्धि आती है।.

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