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हरियाली तीज का महत्व Pujaabhishekam Blog

हरियाली तीज का महत्व

📅 02 Aug 2019 ⏱ 0 min read

हरियाली तीज का महत्व 

भारत वर्ष में हरियाली तीज बहुत धूम धाम इ मनाया जाता है | वशेष कर के यह महिलाओ की लिए है | शास्त्रों के अनुशार इस वर्ष हरियाली तीज ३ अगस्त २०१९ दिन शनिवार को धूम धाम से मनाया जाएगा | हरियाली तीज भगवान् शिव और पार्वती के मिलन के रूप में मनाया जाता है क्यूंकि शास्त्रों में वर्णन है भगवती पार्वती इस धरती पर १०७ बार जन्म लेकर १०७ बार तपस्या की परन्तु भगवान् शिव से उनका मिलन नहीं हो सका जब भगवती पार्वती का १०८ बार इस पृथ्वी पर जन्म हुआ तब भगवान् शिव और पार्वती का विवाह हुआ १०८ बार में उन्होंने घोर तपस्या किया | पर्वत राज हिमालय के घर में पुत्री रूप में जन्म लेकर भागवती पार्वती ने घोर तपस्या किया उस तपस्या के प्रभाव से खुस होकर भगवान् सिंह ने उन्हें अपनी अर्धांग्नी के रूप में स्वीकार किया | सावन महीने में प्राकृति हरियाली की चादर ओढ़ी रहती है क्युकी चारो तरफ मौसम हरा भरा रहता है इसलिए श्रावण शुक्ल पक्ष के त्रित्या तिथि को हरियाली तीज के रूप में मनाया जाता है विशेष कर के राजस्थान में बड़े धूम धाम से यह त्यौहार मनाया जाता है | वह की महिलाये सोलन प्रकार की सिंगार करती है शिव और पार्वती की पूजा करती है और रात्रि जागरण भी करती है | भगवान् शिव से पार्वती जी ने आशीर्वाद माँगा था हे प्रभु जो सोहागिन स्त्रियाँ है उनके पति दिरायु हो आपस में प्रेम से रहे और घर में सुख समृद्धि को स्त्रियाँ सोहंगीन हो ऐसा कोई उपाए बताए जिसके करने से स्त्रियों को यह सब सौभाग्य प्राप्त हो ? तो भगवान् शिव ने कहा हे देवी जो स्त्रियाँ सोलह प्रकार के श्रृंगार कर के उमा महेश्वर का विधि विधान से पूजन करती है रात्रि  जागरण करती है सुन्दर सुन्दर गीत गाती है उनके ऊपर मेरी कृपा हमेसा बानी रहेगी और उनका सुहाग चिरंजीवी होगा साथ में जो कुवारी कन्याये है जिनकी शादी नहीं हो रही है या होने में विलम्भ हो रहा  है वे भी कुवारी कन्याये इस व्रत को कर के भगवान् शिव और पार्वती से प्रार्थना  करे तो उनका विवाह शीघ सम्पन होता है | पक्षिम भारत में इससे मधुस्रवा के नाम से भी जाना जाता है और कही कही ठकुराइन जयंती के नाम से भी मनाया जाता है | भगवान् शिव के पूजा करने से हर तरह के दुःख दूर होते है और पार्वती के पूजा करने से स्वभाग्य चिरंजीवी होता है और पति पत्नी के बीच सम्बन्ध परस्पर मधुर बाने रहते है और पति पत्नी दीर्घायु होते है इसमें कोई संसय नहीं है |

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