Pujaabhishekam Blog
भगवान आशुतोष की आराधना में बेल पत्र यानी बिल्व पत्रों का विशेष महत्त्व हैं। मान्यता हैं की आस्था के साथ शिवलिंग पे केवल बिल्व पत्रों को अर्पित करने पे भी भगवान शिव शंकर अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करते हैं सावन महीने में बाबा भोलेनाथ की पूजा की जाती हैं। पुरे महीने भगवान शंकर की पूजा दिव्य रूप से की जाती हैं । इसीलिए कहा जाता हैं की भगवान शिव को उनकी पसंद की चीजों को अर्पित करने से भगवान शिव प्रशन्न हो जाते हैं। वैसे तो भगवान शिव की पूजा में बहुत सारी चीजें चढ़ाई जाती हैं, लेकिन बेलपत्र का विशेष महत्त्व होता हैं । बिल्वाष्टक और शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव जी को बेल पत्र अति प्रिय हैं तथा ऐसा भी माना जाता हैं की बिना बेल पत्र के भगवान शिव की उपासना पूरी नहीं होती हैं। बेलपत्रों द्वारा पूजन करने से हमारे पापों का नाश होता हैं और हमे सत्बुद्धि प्राप्त होती हैं ।
बेलपत्र चढ़ाते हुए किस मंत्र का उच्चारण करे-
भोलेनाथ को बेलपत्र अर्पित करते समय पौराणिक मंत्र 'त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रिधायुतम्। त्रिजन्मपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम्॥' का उच्चारण करें।